Text size:
Global • 2026-10-31, 16:36 GMT • ~1 min read
दक्षिण सूडान के दिसंबर चुनावों के सामने 'असंभव' लॉजिस्टिक चुनौतियाँ, विशेषज्ञों की चेतावनी
मुख्य बातें
- विशेषज्ञों का कहना है कि दक्षिण सूडान के दिसंबर में होने वाले चुनावों के सामने बड़ी लॉजिस्टिक चुनौतियाँ हैं, क्योंकि अभी तक कोई राष्ट्रीय मतदाता सूची नहीं है और संघर्ष व बाढ़ से लाखों लोग विस्थापित हैं। चुनाव अधिकारियों को मतदाताओं का पंजीकरण करना, सूचियों का सत्यापन करना, उम्मीदवारों की पुष्टि करना और खराब सड़कों व मौसमी बाढ़ वाले देश में मतदान का आयोजन करना है। यह मतदान 2018 के शांति समझौते से शुरू हुई संक्रमण अवधि को समाप्त करने के लिए है, लेकिन इसे पहले ही कई बार टाला जा चुका है, पहले 2022 से 2024 और फिर 2026 तक, जबकि प्रमुख सुधार अभी अधूरे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि दक्षिण सूडान के दिसंबर में होने वाले चुनावों के सामने बड़ी लॉजिस्टिक चुनौतियाँ हैं, क्योंकि अभी तक कोई राष्ट्रीय मतदाता सूची नहीं है और संघर्ष व बाढ़ से लाखों लोग विस्थापित हैं। चुनाव अधिकारियों को मतदाताओं का पंजीकरण करना, सूचियों का सत्यापन करना, उम्मीदवारों की पुष्टि करना और खराब सड़कों व मौसमी बाढ़ वाले देश में मतदान का आयोजन करना है। यह मतदान 2018 के शांति समझौते से शुरू हुई संक्रमण अवधि को समाप्त करने के लिए है, लेकिन इसे पहले ही कई बार टाला जा चुका है, पहले 2022 से 2024 और फिर 2026 तक, जबकि प्रमुख सुधार अभी अधूरे हैं।
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई
- Loading...
खबरें अपने इनबॉक्स में पाएं
नई खबरें प्रकाशित होने पर एक ईमेल। कोई स्पैम नहीं, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।