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Pakistan • 2026-11-01, 15:59 PKT • ~1 min read
डॉन का विश्लेषण: भारत की चिनाब परियोजनाएँ पाकिस्तान पर जल दबाव का साधन बन सकती हैं
मुख्य बातें
- डॉन के एक विश्लेषण में कहा गया है कि अप्रैल 2025 में सिंधु जल संधि को निलंबित करने के बाद भारत चिनाब नदी पर भंडारण और पनबिजली परियोजनाओं का बड़ा नेटवर्क बना रहा है, जिसकी क्षमता लगभग 3,263 मेगावाट से बढ़कर 7,620.5 मेगावाट हो गई है। लेख में कहा गया है कि सावलकोट, किरथाई, पाकल दुल, रैटले और बुरसार सहित पाँच बड़ी परियोजनाएँ भारत को जल प्रवाह पर अधिक नियंत्रण दे सकती हैं। इसमें चेतावनी दी गई है कि बुवाई के मौसम में प्रवाह में बदलाव से मध्य पंजाब की खेती प्रभावित हो सकती है और पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को अरबों डॉलर का नुकसान हो सकता है।
डॉन के एक विश्लेषण में कहा गया है कि अप्रैल 2025 में सिंधु जल संधि को निलंबित करने के बाद भारत चिनाब नदी पर भंडारण और पनबिजली परियोजनाओं का बड़ा नेटवर्क बना रहा है, जिसकी क्षमता लगभग 3,263 मेगावाट से बढ़कर 7,620.5 मेगावाट हो गई है। लेख में कहा गया है कि सावलकोट, किरथाई, पाकल दुल, रैटले और बुरसार सहित पाँच बड़ी परियोजनाएँ भारत को जल प्रवाह पर अधिक नियंत्रण दे सकती हैं। इसमें चेतावनी दी गई है कि बुवाई के मौसम में प्रवाह में बदलाव से मध्य पंजाब की खेती प्रभावित हो सकती है और पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को अरबों डॉलर का नुकसान हो सकता है।
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